vijay vardhana
बुधवार, 14 सितंबर 2011
तस्वीर
दिल के रंग से
जज्बातों के कूचों ने
अरमानों के कैनवास पर
खीची कुछ तिरछी रेखाएं
धुंधली सी तस्वीर जो उभरी
शायद तुम्हारी ही थी
1 टिप्पणी:
मैं....
14 सितंबर 2011 को 11:20 am बजे
PYARI RACHNA... SHUBHKAMNAYEIN...
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