सुना है !......
बहुत दर्द होता है
सर्दी के महीनों में
उन चोटों का ....इंसान
जिसकी दवा न ले ........
शायद इसी ख्याल से थर्रा
उठी है रूह
मैंने डाक्टर से नहीं दिखाया
वेवफा तुमने
जहाँ जहाँ ..........चूमा था मुझे ..................
बहुत दर्द होता है
सर्दी के महीनों में
उन चोटों का ....इंसान
जिसकी दवा न ले ........
शायद इसी ख्याल से थर्रा
उठी है रूह
मैंने डाक्टर से नहीं दिखाया
वेवफा तुमने
जहाँ जहाँ ..........चूमा था मुझे ..................
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