हाँ ...मैंने तुमसे मुहब्बत किया था ,
तुम्हारी अदाओं पर मिटा था ,
तुम्हारे सपने देखे थे
उन सपनो को नई दिशा देने के लिए
अपने अरमानो के कैनवास पर
जिंदगी के रंग भरनी चाही थी ,
मगर .....
तुम्हारी उन्मत्त आकांक्षाओ ने
मेरे कोमल सपनो को
कच्ची नींद से जगाकर
तोड़ दिया ..............
और मैं एक बार फिर कोशिश में लगा हूँ
सोने की ..........
एक नए सपने देखने की
बस एक इल्तजा है .......
मेरी नींद मत तोडना ...............
तुम्हारी अदाओं पर मिटा था ,
तुम्हारे सपने देखे थे
उन सपनो को नई दिशा देने के लिए
अपने अरमानो के कैनवास पर
जिंदगी के रंग भरनी चाही थी ,
मगर .....
तुम्हारी उन्मत्त आकांक्षाओ ने
मेरे कोमल सपनो को
कच्ची नींद से जगाकर
तोड़ दिया ..............
और मैं एक बार फिर कोशिश में लगा हूँ
सोने की ..........
एक नए सपने देखने की
बस एक इल्तजा है .......
मेरी नींद मत तोडना ...............
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